महबूबा की गोद में बैठेगी बीजेपी
नई दिल्ली। पीडीपी व बीजेपी के बीच जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनाने का 'समझौता लगभग पूरा हो चुका है। प्रदेश में पीडीपी-भाजपा की मिली-जुली सरकार बनाने को लेकर एक हफ्ते से चल रही कवायदों के बीच तमाम रोड़े भी पैदा हुए। इस दौरान बीजेपी को भी समझ में आ गया कि बगैर 'समझौते के घाटी में सरकार बनाना मुश्किल होगा।
एनसी या पीडीपी से हाथ मिलाने पर सियासी नफा नुकसान का आकलन करने के बाद महबूबा के साथ जाने में भाजपा को ज्यादा राजनैतिक फायदा नजर आया। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद के बीच मुलाकात पर इस समझौते का फाइनल 'ब्लूप्रिंट टिका है। हालांकि दोनों के बीच अभी तक इस मुलाकात के वक्त और स्थान को लेकर कोई ठोस तरीके से कह नहीं पा रहा है, पर उम्मीद यही है कि मोदी-सईद के बीच गुफ्तगं होने के बाद राज्य में सरकार बनाने को लेकर छाए तमाम अवरोध साफ होने लगेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत से पहले दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत चल रही हैं।
इस बीच, जानकारों का कहना है कि भाजपा पीडीपी की मांगों को मानने के लिए तैयार है, ताकि राज्य में सरकार बन सके। यह कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा की सियासी मजबूरी है। लिहाजा भाजपा और पीडीपी समझौते के लिए सहमत हो रहे हैं। भाजपा और पीडीपी के बीच तय हुए फार्मूले के तहत मुफ्ती मोहम्मद मुख्यमंत्री होंगे और भाजपा को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिलेगी। कैबिनेट में दोनों दलों के बराबर सदस्य होंगे। दरअसल मिशन 44 प्लस का नारा देकर भाजपा ने पूरा चुनाव लड़ा था। पीडीपी प्रदेश सरकार की स्थिरता और उदार केंद्रीय मदद के लिए भाजपा का साथ चाहती है, पर वह भाजपा के आगे झुकना नहीं चाहती। अब पीडीपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। भाजपा ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत और जम्मू संभाग के प्रतिनिधित्व को आधार बनाकर पीडीपी से बातचीत की है। पहले पीडीपी को सीएम पद देने और तीन-तीन साल सीएम की कुर्सी देने के लिए भाजपा तैयार है। बहरहाल अब माना जा सकता है कि राज्य में बनने वाली नई सरकार में कांग्रेस और नेशनल कांफेंस नहीं, पीडीपी और भाजपा होंगे। पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि भाजपा को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का मौका नहीं छोडऩा चाहिए। क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पीडीपी हर हाल में अपनी अगुवाई वाली सरकार चाहती है। मुफ्ती मोहम्मद सईद सीएम के दावेदार होंगे। पीडीपी की इच्छा है कि भाजपा विवादित मुद्दे छोड़कर भागीदार बने तो वह डिप्टी सीएम का पद दे देगी।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के मुद्दे पर बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात करेंगी।
वोहरा ने राज्य में सरकार गठन के मसले पर विचार विमर्श के लिए शुक्रवार को महबूबा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा को अलग अलग वार्ता के लिए बुलाया था। राज्य विधानसभा के नतीजों के चलते प्रदेश में त्रिशंकु सदन के हालात बने हैं जहां पीडीपी 87 सदस्यीय सदन में 28 सीटों के साथ सर्वाधिक बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। नेशनल कांफ्रेंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती हैं।
एनसी या पीडीपी से हाथ मिलाने पर सियासी नफा नुकसान का आकलन करने के बाद महबूबा के साथ जाने में भाजपा को ज्यादा राजनैतिक फायदा नजर आया। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद के बीच मुलाकात पर इस समझौते का फाइनल 'ब्लूप्रिंट टिका है। हालांकि दोनों के बीच अभी तक इस मुलाकात के वक्त और स्थान को लेकर कोई ठोस तरीके से कह नहीं पा रहा है, पर उम्मीद यही है कि मोदी-सईद के बीच गुफ्तगं होने के बाद राज्य में सरकार बनाने को लेकर छाए तमाम अवरोध साफ होने लगेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत से पहले दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत चल रही हैं।
इस बीच, जानकारों का कहना है कि भाजपा पीडीपी की मांगों को मानने के लिए तैयार है, ताकि राज्य में सरकार बन सके। यह कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा की सियासी मजबूरी है। लिहाजा भाजपा और पीडीपी समझौते के लिए सहमत हो रहे हैं। भाजपा और पीडीपी के बीच तय हुए फार्मूले के तहत मुफ्ती मोहम्मद मुख्यमंत्री होंगे और भाजपा को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिलेगी। कैबिनेट में दोनों दलों के बराबर सदस्य होंगे। दरअसल मिशन 44 प्लस का नारा देकर भाजपा ने पूरा चुनाव लड़ा था। पीडीपी प्रदेश सरकार की स्थिरता और उदार केंद्रीय मदद के लिए भाजपा का साथ चाहती है, पर वह भाजपा के आगे झुकना नहीं चाहती। अब पीडीपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। भाजपा ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत और जम्मू संभाग के प्रतिनिधित्व को आधार बनाकर पीडीपी से बातचीत की है। पहले पीडीपी को सीएम पद देने और तीन-तीन साल सीएम की कुर्सी देने के लिए भाजपा तैयार है। बहरहाल अब माना जा सकता है कि राज्य में बनने वाली नई सरकार में कांग्रेस और नेशनल कांफेंस नहीं, पीडीपी और भाजपा होंगे। पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि भाजपा को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का मौका नहीं छोडऩा चाहिए। क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पीडीपी हर हाल में अपनी अगुवाई वाली सरकार चाहती है। मुफ्ती मोहम्मद सईद सीएम के दावेदार होंगे। पीडीपी की इच्छा है कि भाजपा विवादित मुद्दे छोड़कर भागीदार बने तो वह डिप्टी सीएम का पद दे देगी।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के मुद्दे पर बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात करेंगी।
वोहरा ने राज्य में सरकार गठन के मसले पर विचार विमर्श के लिए शुक्रवार को महबूबा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा को अलग अलग वार्ता के लिए बुलाया था। राज्य विधानसभा के नतीजों के चलते प्रदेश में त्रिशंकु सदन के हालात बने हैं जहां पीडीपी 87 सदस्यीय सदन में 28 सीटों के साथ सर्वाधिक बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। नेशनल कांफ्रेंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती हैं।

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